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अंदलीब ज़ेहरा- कश्मिरी खिलाड़ी जो बाॅक्सिंग के ज़रिए रूढ़िवाद को दे रही है जवाब

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अंदलीब ज़ेहरा- कश्मिरी खिलाड़ी जो बाॅक्सिंग के ज़रिए रूढ़िवाद को दे रही है जवाब

ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता मैरी काॅम से प्रेरणा लेने वाली युवा बाॅक्सर अंदलीब ज़ेहरा अपने हुनर के दम पर कश्मीर की रूढ़िवादिता को चुनौती दे रही है। हाल ही में ये खिलाड़ी जम्मू में हुए स्टेट बाॅक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर सुर्खियों में आई थी।

जम्मू और कश्मीर के बड़गाम जिले के मगम गांव के मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली अंदलीब ज़ेहरा का बचपन से ही रूझान खेलों की तरफ रहा। लेकिन बाॅक्सिंग की तरफ उसका लगाव भारतीय बाॅक्सिंग दिग्गज मैरी काॅम को खेलते देखकर बढ़ा। उस वक़्त अंदलीब ने बाॅक्सिंग से जुड़ने का फैसला किया और इंडोर स्टेडियम में पेशेवर कोचों की निगरानी में ट्रेनिंग की शुरूआत की।

अंदलीब ने राज्य के कई मुकाबलों में हिस्सा लिया और हाल ही में उसने स्टेट बाॅक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया, जिसका आयोजन जम्मू में किया गया था। ये उभरती हुई खिलाड़ी अब अपनी आदर्श मैरी काॅम की तरह बनना चाहती है और देश के लिए मेडल जीतना चाहती है। उनके कोच फारूक़ खान को भी विश्वास है कि अंदलीब के अंदर भविष्य में मेडल जीतने की काबिलियत है।

जम्मू-कश्मीर, भारत के दूसरे राज्यों की तरह लड़कियों के खेलों से जुड़ने को महत्व नहीं देता है, लेकिन वहीं अंदलीब प्रोत्साहन के लिए अपने माता-पिता और दोस्तों को श्रेय देती है। 

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक अंदलीब ने कहा, ‘‘मेरे परिवार ने मेरा समर्थन किया। दरअसल मेरा परिवार और मेरे दोस्त इस फैसले से खुश थे।’’

उन्होंने कहा अच्छी जिंदगी के लिए खेल और पढ़ाई का संतुलन होना ज़रूरी है।

अंदलीब ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता इससे पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ता है। खेल और पढ़ाई दोनों ही महत्वपूर्ण है। ये ज़रूरी है कि आप एक स्वस्थ जिंदगी जिएं। मुझे लगता है कि बाॅक्सिंग महिलाओं के लिए बहुत अच्छा खेल है। ये उनकी आत्मसुरक्षा में भी मदद करता है। इस खेल के जरिए उन्हें कई अच्छे अवसर मिलते हैं, वो ओलंपिक में भी हिस्सा ले सकती हैं।’’

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