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मैथ्यू हेडेन ने DRS मामले में स्टीव स्मिथ का किया समर्थन

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मैथ्यू हेडेन ने DRS मामले में स्टीव स्मिथ का किया समर्थन

खिलाड़ी के तौर पर, मैथ्यू हेडेन काफी आक्रामक बल्लेबाज़ हुआ करते थे, भारतीय ज़मीन पर जिनके रिकार्ड्स उनकी प्रतिभा को दर्शाता है। DRS विवाद के मामले में, हेडेन ने स्टीव स्मिथ का समर्थन किया है और कहा है कि 15 second बहुत कम समय है ‘ड्रेसिंग रुम तक सन्देश पहुँचाने और जवाब पाने’ के लिए।

क्रिकेट के इतिहास में मैथ्यू हेडेन एक शानदार बल्लेबाज़ के तौर पर हमेशा याद किये जाते हैं। 103 टेस्ट खेलते हुए हेडेन ने 50.73 के औसत से 8,625 रन बनाये थे और अपने दिनों में लगभग सभी बेहतरीन गेंदबाजों को परास्त कर चुके हैं।

 “मैं स्मिथ पर भरोसा करता हूँ। और उनकी बातों से इत्तेफाक़ रखता हूँ। 15 सेकंड बहुत कम समय है ड्रेसिंग रुम तक सन्देश पहुँचाने और वहाँ से जवाब पाने के लिए। उन्होंने अपनी घड़ी की ओर देखा और 15 second का इंतज़ार किया और कहा, “देखो, यह इतनी जल्दी ख़त्म हो गया, वक़्त ही नहीं दिया गया!” हेडेन ने द हिन्दू से कहा

पिच की बातें पिच पर ही छोड़ दें:

अब तक हुए सीरीज को देखते हुए, हेडेन ने कहा, जो मैदान में हुआ, वो वहीं रहना चाहिए, जब उन्हें वहाँ से बाहर लाया जाता है, तो विवाद ज़रुरत से ज्यादा बढ़ जाते हैं। “जब आप बातों को खेल के मैदान से बाहर ले आते हैं, तो मीडिया इसमें शामिल हो जाती है, बोर्ड भी तस्वीर में आ जाते हैं, मामला और भी गर्म हो जाता है।”

वैसे तो हेडेन खुद भी अपशब्दों के इस्तेमाल के लिए काफी मशहूर हुआ करते थे, लेकिन उन्होंने अपने इस रवैये को आम बताते हुए कहा, “सभी टीम अपशब्दों का इस्तेमाल करती हैं। अगर आप मुझसे पूछेंगे तो मैं कहूँगा कि अपशब्दों का इस्तेमाल खेल का 10% भाग है। उस स्थिति के बारे में सोचिए जब बल्लेबाज़ पर कोई दबाव नहीं होता। जो भी आप उन्हें कहेंगे, उनपर कोई असर नहीं होगा। वह उसे नज़रंदाज़ कर देंगे।”

उन्होंने कहा कि अपशब्दों का इस्तेमाल तो पूरी प्रक्रिया का छोटा सा भाग है। “आप तनाव पैदा करते, इसमें मैदान में की जाने वाली हरकतें, आपका बॉडी लैंग्वेज, भी शामिल है, अपशब्दों का इस्तेमाल तो बहुत छोटा सा हिस्सा है। कुछ लोग मेरे से सहमत नहीं होंगे लेकिन यह मैं अपने अनुभव से कह रहा हूँ।’

BCCI और CA की तारीफ में:

हेडेन का मानना है कि 2008 में ऑस्ट्रेलिया में हुए मशहूर ‘monkey’ विवाद के बाद से बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और भी करीब आ गए थे। ‘उस सीरीज के बदौलत ही दरअसल दोनों, भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड करीब आए थे। अब इन दोनों के बीच भरोसा और भी बढ़ गया है।”

DRS विवाद को अच्छी तरह से शांत करने के और जल्द से जल्द चीज़ें सामान्य करने के लिए उन्होंने दोनों बोर्ड को बढ़ाई भी दी। “मेरे ख्याल से दोनों बोर्ड ने इस मामले में बहुत अच्छे से काम किया है। ICC और मैच रेफ़री ने भी मामले को अच्छे से संभाला। और हम आज इसका असर देख सकते हैं, अब कोई तनाव नहीं है।’

जब उनसे हरभजन सिंह और आर. अश्विन के बीच तुलना करने के लिए कहा गया तो हेडेन ने इसे एक मुश्किल काम बताया, क्योंकि दोनों की गेंदबाजी की शैली अलग अलग है। “यह काफी मुश्किल काम है। दोनों की शैली अलग है, तरीके अलग है। आज, बल्लेबाज़ ज्यादा शॉट लगाने के फ़िराक में होते हैं, स्पिनर सपाट गेंद डालते हैं। मैं किसी को किसी से बड़ा नहीं मानता।’

आखिर में, हेडेन ने एस श्रीराम के प्रभाव की भी तारीफ की, जो ऑस्ट्रेलियाई टीम के स्पिन गेंदबाजी के कोच हैं।

“उनके पास स्थानीय परिस्थितियों की अच्छी जानकारी है, जो हमेशा ही फायेदेमंद रहेगा।”

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