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राज्य में होने वाले मुकाबले में केरला ब्लास्टर्स के प्रशंसक मेटेराज़ी का करेंगे हास्यास्पद विरोध

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© ISL

राज्य में होने वाले मुकाबले में केरला ब्लास्टर्स के प्रशंसक मेटेराज़ी का करेंगे हास्यास्पद विरोध

केरला ब्लास्टर्स के प्रशंसकों ने, 9 नवम्बर को कोची में चेन्नयिन के खिलाफ होने वाले मैच में, मार्को मेटेराज़ी के विरोध में, ज़िनेडिन ज़िडान के मुखौटा पहनने की योजना बनाई है। पिछले महीने एक ड्रा मैच में मेटेराज़ी अपनी टीम के मैनुएल ब्लासी और ब्लास्टर्स के कर्वेन बेलफोर्ट के बीच की झड़प में उलझे थे।

मुंबई सिटी एफसी के खिलाफ मैच में दुर्व्यवहार के कारण एक मैच के लिए निलंबित चेन्नयिन के कोच मेटेराज़ी की, 2006 के विश्व कप फाइनल के दौरान ज़िडान के साथ झड़प हुई थी। यह वही मशहूर वारदात है जिसमें फ़्रांसिसी खिलाड़ी को इटालियन खिलाड़ी को अपने सिर से मारने के कारण खेल से बाहर होना पड़ा था। इसके बाद पेनल्टी की बदौलत इटली मैच जीत गयी थी।   

केरला ब्लास्टर्स के प्रसंशक अब्दुल हादी और अशीम ने मेटेराज़ी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए, केरला के प्रशंसकों के बीच 35,000 ज़िडाने मुखौटों के वितरण की योजना बनाई है, जिन्हें कोची में होने वाले मैच के दौरान पहना जायेगा।

"हम कोच (मेटेराज़ी) को एक सन्देश देना चाहते हैं। हमने काफी सोचा कि हम प्रशंसक होने के नाते किस प्रकार से अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। हम हिंसा के खिलाफ एक शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना चाहते थे," हादी ने कहा।

"लेकिन यह एक ऐसा मसला है जो पूरे विश्व और ISL की नज़रों में आना चाहिए। कोच इस प्रकार से दखल नहीं दे सकते।"

"मुझे यकीन है कि सबको विश्व कप फाइनल में हुई वारदात तो याद ही होगी, जिसमें कोच ने उस वक़्त खेल रहे एक बेहतरीन खिलाड़ी को मैच से बाहर किया था। उन्होंने विश्व के सबसे दिग्गज खिलाड़ियों में से एक को प्रभावित किया था जिन्होंने उस पर प्रतिक्रिया ही दी थी। हम उन्हें यह दिखाना चाहते हैं कि हम भी इसपर प्रतिक्रिया दे सकते हैं। और सारा विश्व ज़िडान को याद करता है मेटेराज़ी को नहीं।"

प्रशंसकों ने इस योजना को लोगों तक पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। इस तस्वीर में लिखी गयी बात इस प्रकार है, "दोस्तों, अगर आप इसे खरीदने के लिए तैयार हैं, मैं कलूर (जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम) में इन मुखौटों के साथ तैयार रहूँगा।"

यूरोपियाई फुटबॉल में आय दिन ऐसे प्रदर्शन होते रहते हैं और अब भारत भी इस श्रेणी में शामिल हो रहा है। इसका ISL पर क्या प्रभाव पड़ता है यह देखना दिलचस्प होगा लेकिन इस बात से इतना तो तय है कि ब्लास्टर्स के प्रशंसक ISL में सबसे अधिक घनिष्टता से जुड़े हुए हैं। 

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