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सोमदेव देववर्मन ने आनंद अमृतराज को हटाने को लेकर AITA पर दागे सवाल

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सोमदेव देववर्मन ने आनंद अमृतराज को हटाने को लेकर AITA पर दागे सवाल

भारतीय टेनिस सितारा सोमदेव देववर्मन ने आनंद अमृतराज के लिए अपना समर्थन ज़ाहिर किया। भारतीय डेविस कप टीम के कप्तान, अमृतराज को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। टीम में शिष्टाचार लाने में अमृतराज के असफल होने की वजह से, AITA ने पहले उन्हें उनके पद से हटाये जाने की तरफ इशारा किया था।

मीडिया में चल रही रिपोर्ट में, भारतीय डेविस कप टीम में शामिल युवा खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम में मदिरा पीने और अपनी साथियों को लाने की ख़बरों के बाद, AITA ने यह इशारा किया था कि शिष्टाचार न ला पाने के कारण टीम के कप्तान अमृतराज को हटाया जा सकता है। हालांकि, सोमदेव इस निर्णय पर सवाल दाग रहे हैं।

"मेरे ख्याल से, अगर नतीजों को देखा जाए, तो आनंद एक अच्छे कप्तान हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि बदलाव की आवश्यकता क्या है? कप्तान को बदलने की कोई ज़रुरत ही नहीं है। हम कोरिया गए थे और हमने बेहतरीन तरीके से उन्हें हराया। डेविस कप के इतिहास में कभी ऐसा प्रदर्शन देखने को नहीं मिला था," सोमदेव ने PTI से कहा।

सोमदेव ने कहा कि हाल ही में, चोटों की वजह से डेविस कप टीम से बाहर रहने के बावजूद, उन्हें इस मसले पर अपनी राय देने का अधिकार है। उन्होंने कहा, "हां, मैं पिछले कुछ मुकाबलों में भाग नहीं ले सका लेकिन मैं लगभग 10 सालों से इस टीम का हिस्सा हूँ।"

"युवाओं ने ग़लतियाँ की है और इसके लिए उन्होंने प्रायश्चित भी किया है। वे ग़लतियाँ दोहराई नहीं गयी हैं, अतः ऐसा नहीं है कि अशिष्टता को बढ़ावा दिया गया है। मैंने, खुद, कुछ यूवाओं से बात कि है और उन्हें सही और ग़लत के बारे में बताया है और उन्होंने मेरी बातें ध्यान से सुनी है। टीम की सफलता के लिए कनिष्ट, वरिष्ठ और कप्तान, तीनों को मिलकर काम करना पड़ता है।

ख़बरों की माने तो स्पेनिश टीम के साथ मुकाबले के समय को लेकर अमृतराज की टिप्पणी से भी AITA काफी नाराज़ है। हालांकि, सोमदेव को लगता है कि किसी मुकाबले को तय करने से पहले खिलाड़ी और कोचों की राय लेना आवश्यक है।

"हम, खिलाड़ी, यह बेहतर समझते हैं कि कब हम जीत हासिल कर पाएंगे। अगर मैंने स्पेन के खिलाफ खेला होता, तो मैं उस शाम नहीं खेलता।

"जब भी मैं असामान्य या असुविधाजनक स्थिति में फंसा हूँ, आनंद ने अपनी राय देकर, मुझे उस स्थिति से बाहर निकलने में मदद की है। बैंगलोर में, सर्बिया के खिलाफ हुए मुकाबले में, मैं पहला सेट हार गया था और लगातार दो सेटों में मेरा प्रदर्शन बुरा रहा, लेकिन फिर चौथे और पांचवे सेट में मुझे सफलता मिली। ऐसी परिस्थितियों में आनंद के होने से, मुझे काफी मदद मिली है।

दिल्ली में चेक रिपब्लिक के मुकाबले में मैं जब जीरी वेसेली के खिलाफ खेल रहा था, तब आनंद ने मुझे सर्व पर ध्यान रखने और लम्बे पॉइंट्स खेलने के लिए कहा था। उन्होंने मुझे विरोधी को कड़े मुकाबलों में व्यस्त कर दबाव बनाने और अपनी कुशलताओं से उनके थकाने का सुझाव दिया था। टीम में उनका रहना मेरे लिए इतना लाभदायक था," सोमदेव ने स्पष्ट किया।

सोमदेव ने कहा कि आनंद एक ऐसे व्यक्ति हैं जो खिलाड़ियों से तब भी अपना संपर्क बनाये रखते हैं, जब वे डेविस कप टीम के लिए नहीं खेल रहे होते हैं। उन्होंने कहा, " आनंद एक ऐसे व्यक्ति हैं जो हमेशा खिलाड़ियों से समपर्क बनाये रखते हैं, उनसे उनके खेल और हाल चाल के बारे में पूछते हैं, फिर चाहे वे डेविस कप टीम का हिस्सा न भी हो। मेरे दिल में उनके लिए काफी सम्मान है। उनका अनुभव काफी अच्छा है और डेविड कप के मुकाबलों के लिए हमें ऐसे ही किसी व्यक्ति की ज़रुरत है।"  

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