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राफेल नडाल: खिताब जीतने का आत्मविश्वास लौट आया है

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राफेल नडाल: खिताब जीतने का आत्मविश्वास लौट आया है

15वा ग्रैंड स्लैम एकल का खिताब हासिल करने से चूकने के बावजूद, राफेल नडाल ऑस्ट्रेलिया में अपने पिछले एक महीने के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं। 30 वर्षीय ने कहा है कि अब उनमें खिताब जीतने का आत्मविश्वास आ चुका है और इसके साथ ही उन्होंने यह प्रतिज्ञा भी ली है कि अब वह उच्य स्तर का ही खेल खेलेंगे।

फाइनल में रॉजर फेडरर के खिलाफ पहले तीन सेट हारने के बाद, स्पेनिश खिलाड़ी ने वापसी करने की कोशिश की। लेकिन स्विस दिग्गज ने 6-4, 3-6, 6-1, 3-6, 6-3 से जीत हासिल कर अपने कार्यकाल के 18वे ग्रैंड स्लैम को अपने नाम किया।

"आज मैं इस खेल का आनंद ले रहा हूँ। पिछले साल में सिर्फ इंडियन वेल्स और मेड्रिड (मार्च से मई तक) के बीच ही ऐसा कर पाया था, क्योंकि मेड्रिड के क्वार्टर फाइनल में मुझे चोट लगी थी।

"यह एहसास बहुत ख़ास है ... खिताब जीतने से भी ख़ास, वह आत्मविश्वास का होना जिसके साथ आप खिताब जीतने पर यकीन रखते हैं।

"सबसे ज्यादा अहम यही है कि मैं अब इतना स्वस्थ हूँ कि सही तरीके से खेल पा रहा हूँ, और मुकाबलों में टिक पा रहा हूँ। मैं और भी मेहनत करूँगा और ऐसे ही काम करता रहूँगा," नडाल ने AFP से कहा।

मैंने विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को मात दी है, सबके खिलाफ अच्छा खेला है। यही मेरे लिए सबसे ज्यादा ज़रूरी है और इसी से मुझे आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा मिलती है और मैं यही करूँगा।

राफेल नडाल

हारने के बाद भी, सत्र के पहले ग्रैंड स्लैम में नडाल अपने प्रदर्शन से काफी खुश हैं। उन्होंने कहा, "यह एक बड़ी संतुष्टि है। मैं दुखी नहीं हूँ। मैं जीतना चाहता ज़रूर था लेकिन मैं ज्यादा निराश नहीं हूँ।"

"मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। इन महीनों में मैंने काफी मेहनत की थी। मैं मेहनत करता रहा, डट कर मुकाबला किया और मुझे यह प्रतियोगिता काफी अच्छी लगी।

मैंने विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को मात दी है, सबके खिलाफ अच्छा खेला है। यही मेरे लिए सबसे ज्यादा ज़रूरी है और इसी से मुझे आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा मिलती है और मैं यही करूँगा।

फेडरर के साथ हुए मुकाबलों में अच्छे रिकॉर्ड कायम करने वाले नडाल ने कहा कि दोनों के मुकाबले में वह अक्सर विजयी ही रहे हैं और इसके साथ उन्होंने अपने विरोधी को भी उनकी जीत पर बधाई दी।

"आखिर यह एक प्रतियोगिता है। यहां एक विजेता है और एक हारने वाला। इस तरह के मुकाबलों में कोई भी जीत सकता है।

"ऐसे मैचों में मैंने उन्हें कई बार हराया है। आज उन्होंने मुझे हराया। मैं उन्हें बधाई देता हूँ।

"यह ना तो उनके लिए एक अहम खिताब से बढ़कर कुछ है ना मेरे लिए दो बड़े हफ़्तों से ज्यादा कोई माएने रखता है।

"भले ही अंत मेरे पक्ष में न हुआ हो, लेकिन यह दो हफ्ते मेरे लिए काफी अहम थे। अब मैं उन्हें बधाई देना चाहूँगा और एक सकारात्मक सोच के साथ घर लौटना चाहूँगा। 

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